किताबे ग़म में ख़ुशी का ठिकाना ढ़ूंढ़ो, अगर जीना है तो हंसी का बहाना ढ़ूंढ़ो।
खदेरन के गांव का खेलावन उससे मिलने शहर आया था।
स्टेशन से उसने टैक्सी ली। टैक्सी वाला मेन रोड पर आते ही गाड़ी को बहुत ही तेज रफ्तार से चलाने लगा।
खेलावन का डर से हालत खराब हो गया। बोला, “भैया, जरा स्पीड कम करो, जरा धीरे गाड़ी चलाओ! मैं बारह बच्चों का बाप हूँ!”
टैक्सी ड्राइवर बोला, “अपनी स्पीड देखी है, जो मेरी स्पीड पर ऐतराज़ कर रहे हो?”