इस बार पर्व में खदेरन ससुराल गया।
उसकी सास चम्पई देवी लगातार सात दिनों तक उसे पालक का साग खिलाती रही।
बात आठवें दिन की है।
चम्पई देवी ने खदेरन से पूछा, “दामाद जी! आज क्या खाएंगे आप?”
खदेरन ने जवाब दिया, “सासु मां अब और मेहनत आप क्या करेंगी, ऐसा कीजिए कि खेत ही दिखा दीजिए, मैं खुद ही चर आऊंगा!”