किताबे ग़म में ख़ुशी का ठिकाना ढ़ूंढ़ो, अगर जीना है तो हंसी का बहाना ढ़ूंढ़ो।
भगावन को उसके दोस्त जियावन ने बताया, “मेरे अंकल को उनके मरने से पहले मरने की डेट पता था।”
भगावन को आश्चर्य हुआ! पूछा, “कैसे?”
जियावन ने बताया, “उन्हें यह डेट जज ने बताई थी।”