हास्यफुहार
किताबे ग़म में ख़ुशी का ठिकाना ढ़ूंढ़ो, अगर जीना है तो हंसी का बहाना ढ़ूंढ़ो।
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बुधवार, 16 जून 2010
स्टाफ हैं
स्टाफ हैं
चुनाव का माहौल था। नेताजी वोट मांगने निकले।
रास्ते में भिखारी मिल गया। बोला, “अल्ला के नाम पर दे-दे, इश्वर के नाम पर दे दे!!”
“स्टाफ हैं हम, अबे हमें तो छोड़।” नेताजी यह कह आगे निकल गए।
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