आपको तो याद होगा, पिछले दिनों की बात। पहली बार खदेरन ने फुलमतिया जी को जवाब दे दिया था। याद ताज़ा करने के लिए यहां क्लिक करें। 
फुलमतिया जी के प्रश्न का खदेरन ने जवाब दे दिया,
और जवाब क्या दिया, उसने तो उनकी बात भी काट दी।
इस पर तो फुलमतिया जी पूरी तरह भड़क गईं।
गुस्से से तमतमायी बीवी बोली
“आजकल बहुत बोलने लगे हो,
लगता है जैसे सोते से जगे हो
अब तुम तो क्या
आज तुम्हारी निंद भी जगेगी
इस धृष्टता की तुम्हें बरोबर सज़ा मिलेगी!
जो भी कहूं वो बिल्कुल ही नहीं जंचती है
मेरी बात तुमको सही नहीं लगती है।
अब तुम अपनी खैर मनाओगे
आज के बाद तुम मेरी आवाज़ नहीं सुन पाओगे।”
खदेरन ने बड़े भोलेपन से कहा,
“अहा!
गुस्से में भी लगती तुम निराली हो
आवाज़ नहीं सुन पाऊंगा तुम्हारा
क्या, तुम गूंगी होने वाली हो?”
यह सुन जाता रहा संयम रहा-सहा
फुलमतिया जी ने त्योरी चढाते हुए कहा,
“हां-हां मेरा ढंग अजब और मैं निराली हूं
गूंगी मैं नहीं, तुम्हें बहरा करने वाली हूं।”