खूब हंसना हास्य ध्यान योग लगाने के लिए बहुत ज़रूरी है।
प्रवचन
खदेरन उस दिन फिर दोस्तों की मंडली में कुंडली लगा कर बैठ गया। आधी रात तक महफ़िल जमी रही। … और जब वह दोस्तों की महफ़िल में होता है तो क्या होता है अब तक तो आप जान ही गए होंगे।
.. तो आधी रात को वह झूमता-झामता हुआ शराब के नशे में धुत्त सड़क पर चला जा रहा था। उसे इस दशा में देख दारोगा दहारन सिंह ने उसे टोका। “ऐ सुन …!”
खदेरन बोला, “कया है….?”
दारोगा दहारन सिंह ने पूछा, “अबे! नशे में धुत्त कहां जा रहा है?”
खदेरन ने पहचानते हुए कहा, “ओह! दारोगा साब! मैं शराब पीने से होने वाले नुकसान पर प्रवचन सुनने जा रहा हूं।”
दारोगा दहारन सिंह चौंके, बोले, “इतनी रात को कौन प्रवचन देगा?”