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मंगलवार, 30 अगस्त 2011

व्यथा … !

images (27)“क्या बात है, आजकल तुम शॉपिंग भी नहीं करती, और न ही फ़िल्म देखने चलती हो?”

“कुछ नहीं यार! मैंने बहुत बड़ी ग़लती कर दी है।”

“क्यों, ऐसा क्या किया तूने?”

“मैंने अपने मालिक से शादी कर ली। अब वह तनख़्वाह भी नहीं देता और काम भी ज़्यादा लेता है।”

16 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  2. शादी की सुखद और त्रासद स्थिति. मालिक में टू-इन-वन ढूँढने का नतीजा.

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  3. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  4. कल 2/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. बहुत खूब मालकिन बनने का दंड तो चुकाना ही पडेगा।

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