बात उन दिनों की है जब फुलमतिया जी और खदेरन की शादी तो नहीं हुई थी लेकिन कुछ-कुछ हो रहा था दोनों के बीच में।
एक दिन खदेरन ने सुना कि किसी बड़े अभिनेता ने अपने बाजुओं पर प्रेमिका का नाम खुदवा लिया। खदेरन ने जोश में आकर कहा, “फुलमतिया जी! आप बताइए मैं आपका नाम हाथ पर लिखवाऊं या दिल पर!”
फुलमतिया जी ने पूछा, “सच्चा प्यार करते हो मुझसे?”
खदेरन ने कहा, “इसमें कोई शक है क्या?”
फुलमतिया जी ने जवाब दिया, “तो सीधे अपनी प्रोपर्टी के पेपर पर लिखो!”
HA HA HA BILKUL SAHI TABHI TO SABIT HOGA KI SACHCHA PYAR HAI
प्रत्युत्तर देंहटाएं:):) सही कहा .
प्रत्युत्तर देंहटाएंसत्य-सा।
प्रत्युत्तर देंहटाएं:-) :-)
प्रत्युत्तर देंहटाएंहाँ यही प्यार हैं -:)-:)
प्रत्युत्तर देंहटाएंBilkul sahi....
प्रत्युत्तर देंहटाएंEdhar kuchh dinon se phulmatia ji gayab thin...???
:-)
प्रत्युत्तर देंहटाएंहा हा हा हा..
प्रत्युत्तर देंहटाएंहा-हा-हा ...
प्रत्युत्तर देंहटाएंमज़ेदार!!
मॉडर्न प्यार के मॉडर्न हस्ताक्षर!!
प्रत्युत्तर देंहटाएंआज कि हकीकत.
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