किताबे ग़म में ख़ुशी का ठिकाना ढ़ूंढ़ो,
अगर जीना है तो हंसी का बहाना ढ़ूंढ़ो।
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रविवार, 18 दिसम्बर 2011
शरारत
खदेरन के बेटे भगावन को स्कूल में शरारत करते देख उसकी क्लास टीचर, मिस गुनगुनिया डांटते हुए बोली, “जब मैं तुम्हारी उम्र की थी तो इतनी शरारत नहीं करती थी।”
सही प्रश्न. हा हा हा...
प्रत्युत्तर देंहटाएंमज़ेदार!
प्रत्युत्तर देंहटाएंहा-हा-हा ....
जानना आवश्यक है।
प्रत्युत्तर देंहटाएंउत्तर अपेक्षित है!!
प्रत्युत्तर देंहटाएंसही प्रश्न!
प्रत्युत्तर देंहटाएंअच्छा होता कि ज्ञिज्ञासु बालक के प्रश्न का जबाव मैडम दे देती । इससे उसे उत्तर मिल जाता एवं शरारत शुरू करने का सही वक्त भी मीलूम हो जाता । धन्यवाद ।
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