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शुक्रवार, 8 जुलाई 2011

बहुत मुश्किल है!

खदेरन का बेटा भगावन अपने दोस्त रिझावन से बात कर रहा था। उसे पता नहीं था कि उसका बाप खदेरन पीछे खड़ा है, और उनकी बातें उसके कानों में पड़ रही हैं।

खदेरन रिझावन से, “यार रिझावन! बहुत मुश्किल है स्कूल की टीचर से प्यार करना!!”

रिझावन ने पूछा, “क्यों, क्या हुआ?”

भगावन ने बताया, “अरे यार! लव लेटर भेजा था, उसने होमवर्क समझ कर चेक कर दिया।”

पीछे से खदेरन जो अब अबतक उनकी बात सुन रहा था, बोला, “बेटा! तेरी टीचर ने आज मुझे भी एक लेटर भेजा है …”

खदेरन की बात पूरी सुनने के पहले ही भगावन ने जवाब दिया, “आप फ़िक्र मत करो पापा! मैं मम्मी को कुछ नहीं बताऊंगा!!”

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (09.07.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  2. खदेरन रिझावन से, “यार रिझावन! बहुत मुश्किल है स्कूल की टीचर से प्यार करना!!”

    yahan khaderan ki jagah bhagawan hona chahiye tha shaayad?

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    bichara bhagawan kitna maasoom hai jo official language nahi samajhta. ha.ha.ha.

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  3. क्या बात है आज की स्थिति पर कटाक्ष .पब्लिक स्कूल में ऐसा होता है स्विम सूट में मेम, हाथ में बीयर कैन ,कर लो बेटा प्रेम .

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