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रविवार, 31 जनवरी 2010

लूट लो...!!

लूट लो...!!

जज, "तुमने गहनों की दूकान में चोरी क्यूँ की ?"

चोर, "सर, इसमें मेरा कोई कसूर नहीं है। इन्होने खुद दूकान के बाहर लिख रखा था, लूट लो...लूट लो.... सुनहरा मौक़ा है । लूट लो...!!"

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अगर पसंद आया तो ठहाका लगाइगा

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23 टिप्‍पणियां:

  1. लुटने को जो तैयार बैठा हो तो ----
    लुटने वाला तो रोज लूटता था
    क्या हुआ जो एक रोज लुट गया.

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  2. लूट लिया हास्य रस हमने भी ...!!

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  3. hahahahahhahahah a
    उसने गहने लूटे हमने हंसने का मजा लुट लिया.......hahahahahaahahahaha

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  4. हा हा हा ..सही बात जब लिखा है तो लूट लिया ...मजेदार प्रसंग...धन्यवाद

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  5. तेरे लिखे को निभाया क्या ग़लत किया मैंने !

    अति उत्तम.

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  6. logic ka achchha prayog! Dukan wale hoshiyar rahen warna!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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