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सोमवार, 2 जुलाई 2012

प्यास लगी है

एक दिन दोपहर के वक़्त गरमी से परेशान खदेरन घर में घुसा। प्यास से उसका बुरा हाल था। उसने फुलमतिया जी से कहा, “ज़रा एक गिलास पानी दीजिए।”

फुलमतिया जी ने पूछा, “प्यास लगी है?”

खदेरन ने जवाब दिया, “नहीं। …  गला चेक करना है, कहीं लीक तो नहीं हो रहा।”

12 टिप्‍पणियां:

  1. फुलमतिया जी बोलीं, "तब प्लंबर को भी बुला लीजिए न."
    बढ़िया रहा.

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  2. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल के चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आकर चर्चामंच की शोभा बढायें

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  3. हा हा हा ... लीक तो नहीं हो रहा गला ...

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  4. सुन्दर प्रस्तुति। धन्यवाद !!

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