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गुरुवार, 20 जनवरी 2011

फाटक बाबू का सपना

फाटक बाबू ने सपना देखा। देश के वो बहुत धनवान व्यक्ति हो गए हैं। उनका महलनुमा विशाल आवास है। खदेरन उनका मुख्य सेवक है। महल के सामने बड़ा सा लॉन है। उस प्रांगण में तीन स्वीमिंग पूल हैं। दो में पानी भरा है, तीसरा ख़ाली है।

खदेरन पूछता है, “फाटक महाराज! ये तीन-तीन स्वीमिंग पूल आपने बनवा लिया, चलिए ठीक है! पर इसमें से एक में आपने ठंडा पानी डलवाया, दूसरे में गर्म पानी डलवाया और तीसरे को ख़ाली रखा। इसका क्या मतलब है?”

फाटक बाबू ने समझाया, “खदेरन! ठंडा वाला स्वीमिंग पूल गर्मी में प्रयोग करने के लिए, गर्म पानी वाला जाड़े में प्रयोग करने के लिए और … तीसरा ख़ाली वाला …. खदेरन! …. कभी-कभी नहाने का दिल नहीं करता ना …. इसलिए!!”

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