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शनिवार, 22 जनवरी 2011

दान

एक दिन भगावन साधुओं की टोली में पहुंच गया। साधु ध्यानमग्न बैठे थे। वह कुछ बोलता उससे पहले  एक साधु की नज़र उस पर पड़ी, तो उसने पूछा, “क्या है बच्चा, क्यों आए हो?”

भगावन बोला, “मैं साधु बनना चाहता हूं।”images (17)

उस साधु ने पूछा, “ऐसा क्या हुआ जो तुम इस उम्र में साधु बनने की ठान बैठे हो।”

भगावन बोला, “मेरे पिताजी ने कहा है कि वे मुझ नालायक़ को अपनी संपत्ति में से फूटी कौड़ी भी नहीं देंगे, अपनी सारी संपत्ति साधुओं को दान कर देंगे।”

10 टिप्‍पणियां:

  1. खदेरन एण्ड कम्पनी का जवाब नहीं।

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  2. कलियुग में यही तो होना था भगवन् आप सही जगह आ गए.

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  3. हा हा क्या अक्कल लगाई है....बहुत बढ़िया रहा ये तो

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