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शनिवार, 29 जनवरी 2011

खदेरन की फ़िज़ूलख़र्ची

images (21)फुलमतिया जी, आपको तो मालूम ही है, कल उनका व्रत पूरा हो गया न बोलने का।

अब समय आ गया था उनके मुंह खोलने का।

आज सुबह-सुबह उनके बोल फूटे, खदेरन पर फ़िज़ूलख़र्ची का आरोप लगाते हुए बोलीं, “तुम बहुत से पैसे बेकार में ख़र्च करते हो।”

खदेरन ने पूछा, “आप यह कैसे कह सकती हैं?”

फुलमतिया जी ने बताया, “तुमने वह आग बुझाने वाला यंत्र ख़रीदा था, वह अभी तक एक बार भी काम नहीं आया!”

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