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बुधवार, 26 जनवरी 2011

खदेरन और फुलमतिया जी की ड्राइविंग

गणतंत्र दिवस के दिन दफ़्तरों में छुट्टी होती है। सड़कें ख़ाली होती हैं। फुलमतिया जी ने खदेरन से कहा, “आज हमें लॉन्ग ड्राइव पर ले चलो।”    

खदेरन राज़ी हो गया। दोनों निकले। सड़कें ख़ाली थी। खदेरन बहुत तेज़ी से गाड़ी चला रहा था। सामने से कोई गाड़ी आती और खदेरन की गाड़ी उस गाड़ी के क़रीब से सर्र से निकलती तो फुलमतिया जी को डर लगता। उनसे रहा नहीं गया तो बोलीं, “जब तुम इतनी तेज़ कार चलाते हो और कोई गाड़ी क़रीब से गुज़रती है तो मुझे बहुत डर लगता है।”

खदेरन लापरवाही से बोला, “डरती क्यों हो? तुम भी मेरी तरह आंखें बंद कर लिया करो।”

15 टिप्‍पणियां:

  1. गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और उत्तम चर्चा के लिए बधाई |

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  2. आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर
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    गणतंत्र को नमन करें

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  3. अच्छी पोस्ट. गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं.

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  4. हा हा ...बढ़िया तरीका है ...

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

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  5. देस भी अईसने ड्राइवर सब चला रहा है, खाली फरक एही है कि ऊ सब डराता भी नहीं है तईयो आँख मूँदे रहता है!!

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  6. खदेरन की कार भी और हमारे देश की सरकार भी, दोनों ही रामभरोसे चल रही है.. :D

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  7. हा हा हा "तुम भी मेरी तरह आंखें बन्द कर लिया करो" क्या नहले पे दहले वाला जवाब है! देश चलाने वाली बात है तो धृतराष्ट्र भी राजा ही थे ना !!!!!!!!!

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  8. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

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  9. बढ़िया तरीका है

    आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं|

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  10. शुक्र है हम खदेरन जी के रास्ते में नही आ गये ।
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

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  11. गणतन्त्र दिवस की 62वीं वर्षगाँठ पर
    आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  12. :-)) गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

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