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शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

कभी भी कुछ भी हो सकता है!

कभी भी कुछ भी हो सकता है!

विमान में नेताजी ने उड़ान के बाद घंटा भर से चालक दल को परेशान कर रखा था। कभी यह चाहिए तो कभी वह। बात-बात पर बिगड़ जाते। चीखते। चिल्लाते। विमान के अन्य यात्री भी काफी परेशान थे। पर किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी नेता जी को कुछ बोलने की।

तभी पायलट ने एक एअर होस्टेस को बुलाकर उसके कान में कुछ कहा। थोड़ी देर के बाद उस एयरहोस्टेस ने माइक पर उद्घोषण की , देवियों और सज्जनों, हवाई जहाज के इंजन में कुछ खराबी आ गई है , कभी भी कुछ भी हो सकता है। आप सबसे निवेदन है कि आप लोग सीट-बेल्ट बांधकर प्रार्थना करें। एक और महत्वपूर्ण सूचना हमारे पास सिर्फ एक पैराशूट है। यह उसे दिया जाएगा जिसकी जिन्दगी देश के लिए बहुत कीमती है।

नेताजी उठ खड़े हुए। पैराशूट उन्हें बांधा गया और वह कूद गये।

कुछ देर बाद उद्घोषणा हुई, “अब खतरा टल गया है …… !!

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अगर पसंद आया तो ठहाका लगाइगा

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13 टिप्‍पणियां:

  1. खतरा तो विमान में टल गया पर वह नेता कहीं तो गिरा होगा, वहाँ के वाशिन्दों का क्या!!

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  2. हा हा!! यही एक रास्ता था मुक्ति का.

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  3. हा हा!! यही एक रास्ता था मुक्ति का.

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  4. महा-शिवरात्रि पर्व की बहुत बहुत बधाई .......

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  5. खूब कुदाया आपने नेता जी को...मजा आ गया.

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