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रविवार, 13 फ़रवरी 2011

गुज़ारा

रिझावन को बासमतिया से प्रेम हो गया।

वैलेन्टाइन दिवस के रो़ज़ उसने रेड रोज़ लेकर बासमतिया को दिया।

बासमतिया ने, “थैन्क यू!” कहा।

रिझावन ने मौक़ा को अनुकूल पा कर प्रोपोज़ कर दिया, “विल यू मैरी मी?”

बसमतिया बोली, “मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती!”

रिझावन के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका था। बोला, “क्यों?”

बासमतिया ने बताया, “तुम्हारी सैलरी बहुत कम है।”

रिझावन की जान में जान आई, बोला, “क्या मेरी सैलरी तुम्हारे लिए काफ़ी नहीं है?”

बासमतिया ने हंसते हुए कहा, “मेरे लिए तो काफ़ी है, पर फिर तुम कैसे गुज़ारा करोगे?”

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