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मंगलवार, 24 अगस्त 2010

प्यार से बोला …

हंसना ज़रूरी है, क्यूंकि …


हा-हा … हा-हा करके हंसने से धमनियों और शिराओं का फैलाव होता है और वे फ्लेक्सिबल हो जाती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से होता है।

प्यार से बोला …


एक बार खदेरन कहीं जा रहा था। इतने में बम विस्फोट हुआ और अन्य लोगों के साथ वह भी घायल हो गया।

दारोगा दहारन सिंह जांच करने वाले दारोगा दहारन सिंह ने घायल खदेरन से पूछा, “क्या जब तुम वहां खड़े थे तो बम तब फट गया था?”

खदेरन फुलमतिया - Copy खदेरन को गुस्सा आ गया। वह बोला, “नहीं, … बम चुपके से मेरे पास रेंगकर आया और बड़े प्यार से बोला, ठा …..!”

20 टिप्‍पणियां:

  1. हा हा!! अच्छा है दरोगा है, न्यूज चैनल वाले तो और भी जाने क्या क्या पूछते.

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
    हिन्दी ही ऐसी भाषा है जिसमें हमारे देश की सभी भाषाओं का समन्वय है।

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  3. रक्षाबंधन पर हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!
    बहुत खूब लिखा है आपने!

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  4. हा हा!! अच्छा है दरोगा है!

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  5. हाहाहाहाहाहहा........दरोगा बाबू रिटायर होने के बाद न्यूज चैनल खोल लेगा

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  6. हा हा हा ... इतने प्यार से बम बोलते कभी नहीं सुना ... बहुत खूब

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  7. yeh hasya fuhaar na ho to, jeevan kaisa ho.
    pehli baar aapke blog par aayi hun.
    khaderan phulmatiya aur bhagvaan se milkar accha laga.

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