समर्थक

शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

आज सिर्फ़ एक चित्र…

आज सिर्फ़ एक चित्र…

ये ई-मेल से प्राप्त हुआ। सोचा आपसे शेयर कर लूं।

बताइए इस चित्र का शीर्षक क्या हो? …. शीर्षक ऐसा हो जिससे हास्य का सृजन हो…

acid_picdump_02

एक शीर्षक तो मैं ही दे रही हूं …

मम्मी…!!

23 टिप्‍पणियां:

  1. उंउंउंउं मम्मीईईईईईईईईईईईईई......

    उत्तर देंहटाएं
  2. ओह मैंने आपका शीर्षक देखा ही नहीं......धत्त तेरी की....
    वैसे मैने लंबी पुकार वाला शीर्षक बताया है तो ये आपसे जुदा शीर्षक माना जाए।

    दूसरा है
    जोर लगा के हईसाआआआआआआआआआआआ

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. हममम.... इसका क्या करूँ !!! उठेगा तो ये है नहीं चलो धक्का मार कर इसको रोल करने की ही कोशिश करता हूँ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. रोनी सूरत क्‍यूं बना रखी .. तुझे क्‍या पता कि इसे उठाना है .. तुम आराम से खेलो !!

    उत्तर देंहटाएं
  6. isko to mai akela hi utha loonga ....ummmmhhhhh... bhaari hai baapu... :)

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपलोग हंसे..इसलिए नहीं उठा प् रहा.....

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही मज़ेदार चित्र है! इसका शीर्षक होना चाहिए "बहुत भाड़ी है..उम्म्मम्म " !

    उत्तर देंहटाएं
  9. छोटे - २ कंधो पर इतना बोझ !
    अच्छी तस्वीर है ........
    http://oshotheone.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  10. है कोई माई का लाल जो इससे मुझे झ़ड़ाए।
    है कोई माई का लाल जो इसमें हाथ लगाकर दिखाए।
    है कोई माई का लाल जो आकर इसे उठाए।

    उत्तर देंहटाएं
  11. धत्‍त तेरे की पैंट ही चर्र बोल गई।
    वरना उठा ही लेता।

    उत्तर देंहटाएं