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शनिवार, 5 जून 2010

इल्जाम

 

इल्जाम

_a_hand_dunno एक मामूली से झगड़े के चलते वे छह जने पकड़े गए और शुरुआती कार्रवाई के बाद अदालत में उनकी पेशी हुई।

 

_a_hand_no जज साहब ने आरोपी पक्ष के द्वारा प्रस्तुत किया गया पूरा वाक़या सुना, और अभियुक्तों से मुख़ातिब होते हुए बोले, “इतना मामूली झगड़ा तो तुम कोर्ट के बाहर भी निपटा सकते थे।”

 

_a_hand आरोपी नं4 ने सफ़ाई में कहा, “निपटा तो हम हम कोर्ट के बाहर ही रहे थे कि पुलिस हमें झगड़ा करने के इल्जाम में यहां पकड़ लाई।”

19 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब
    ये पुलिस वाले निपटाने भी तो नहीं देते

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  2. बहुत सही!! पुलिस वालों पर कार्यवाही की जाये. :)

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  3. हा हा हा हा हा, बहुत खूब

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  4. निपटा तो हम बाहर ही लेते…………हा हा हा हा हा।

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  5. सब बाहरे निपटा लेते तो उन सब का काम कैसे चलता।
    हास्य के साथ व्यंग्य भी उत्तम है।

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  6. mujrim to pakad me aate nahi puliswalo k,ab koi kaam to karna hi hai..

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  7. bahut khub



    फिर से प्रशंसनीय रचना - बधाई

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  8. वाह! क्या ज़बर्दस्ती है- निपटाने पर भी रोक। :)))

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