समर्थक

गुरुवार, 17 जून 2010

फाटक बाबू का रेडिओ

फाटक बाबू ने पिछले ही हफ्ते नया-नया रेडिओ खरीदा था। कल से अचानक बजना ही बंद हो गया। परेशान फाटक बाबू ने रेडिओ का कबिनेट खोला। उसके अन्दर एक चूहा मारा हुआ था। उन्होंने विजयी उत्साह के साथ श्रीमती जी से कहा, "ये लो जी... ये तो सिंगर ही मर गया... तो गाना कौन गयायेगा ?
ही.... ! ही.... !! ही.... !!! ही.... !!!!
अगर पसंद आया तो दिल खोलकर ठहाका लगाइएगा।

15 टिप्‍पणियां:

  1. बेखौफ हो जाओ जी सब
    चूहा तो मर गया है अब
    डरते हैं सब ऐसे इससे
    शेर दिख गया हो जैसे।

    उत्तर देंहटाएं
  2. हा...हा...हा...मजेदार...बहुत बढ़िया

    उत्तर देंहटाएं
  3. सिंगर मर गया .. कैबिनेट में हवा के लिये जगह नहीं रही होगी
    हँस रहा हूँ

    उत्तर देंहटाएं
  4. ठहाके से दिन की शुरुआत, हा..हा...हा....!

    उत्तर देंहटाएं
  5. ठहाके से दिन की शुरुआत, हा..हा...हा....!

    उत्तर देंहटाएं
  6. ही.... ! ही.... !! ही.... !!! ही.... !!!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. हा..हा...हा.. हा..हा...हा.. हा..हा...हा.. !!!!

    उत्तर देंहटाएं
  8. गवैयों का यही हश्र होता है भाई - कोई ध्यान भी नहीं देता। फ़ाटक बाबू ने ध्यान तो दिया!

    उत्तर देंहटाएं
  9. हा हा हा हा हा हा आज का सिंगर ..हा हा हा .

    उत्तर देंहटाएं
  10. इस पर सबसे पहली टिप्‍पणी अदाजी की ही है। हा हा हा हाहा।

    उत्तर देंहटाएं