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शनिवार, 4 दिसंबर 2010

आज सिर्फ़ एक चित्र

इस चित्र का शीर्षक क्या हो?

…. शीर्षक ऐसा हो जिससे हास्य का सृजन हो…

 

मेरी तरफ़ से शीर्षक है …

हमसे न पूछो इज़्ज़त वालों की इज़्ज़त का हाल अभी
हमने  भी इस शहर में रह कर थोड़ा नाम  कमाया है

16 टिप्‍पणियां:

  1. बिगड़ा हुआ माहौल बना सकते हैं,
    लोगों के दिल से नफ़रत भी मिटा सकते हैं,
    जो आग लगाते हैं दुनिया वाले,
    हम कुत्ते उन्हें अपनी वफ़ादारी से बुझा सकते हैं।

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  3. मुझसे वफ़ा की उम्मीद करते हो,
    खुद एक दुसरे पर शक करते हो ,
    मै खमोश हूँ क्युकी मै तो एक कुत्ता हूँ
    सोच रहा हूँ तुमलोग क्या सचमुच इन्सान हो ?

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  4. मैं भी मौन हूँ, मौनी बाबा।

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  5. मुझे कोई इंसान काटे तो ख़बर बने :))

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  6. नेताओ के बाद अब कुत्ते भी अपनी बात कहने के लिए प्रेस कांफ्रेस करने लगे है |

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  7. बस एक ही बात कहनी है कि तुम इंसान मत बनो ....

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  8. क्या कहूँ ...अब कुत्ते भी अपनी वफ़ादारी का प्रचार करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस करने लगे हैं ...बहुत बढ़िया

    चलते -चलते पर आपका स्वागत है

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  9. टीवी के दिग्गज सभी बिक गए बीच बाज़ार
    कोई गीदड़ बन गया तो कोई रंगा सियार.
    कोई रंगा सियार बिकी सब दुनियादारी
    थाम के दिल बैठो सब आई श्वानों की बारी.

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  10. क्या कुत्ते भी आत्महत्या करते है ?

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  11. बस एक ही बात कहनी है कि तुम इंसान मत बनो ....

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  12. ओ धर्मेन्द्र!
    बंद कर दो हमारा खूं पीना

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