समर्थक

शनिवार, 11 दिसंबर 2010

आज सिर्फ़ एक चित्र

आज सिर्फ़ एक चित्र

इस चित्र का शीर्षक क्या हो?

…. शीर्षक ऐसा हो जिससे हास्य का सृजन हो…

noname

मेरी तरफ़ से शीर्षक है …

एक बूंद चाय की…!

12 टिप्‍पणियां:

  1. एक बूँद चाय की
    दूध डालकर गाय की

    उत्तर देंहटाएं
  2. 'फासला' कप और होंठ की तरह बूंद और जीभ के बीच का.

    उत्तर देंहटाएं
  3. gaagr men saagr he kuch bat he jo ankhi he lekin kh daali he .
    पूजा या नमाज़ कायम करो .....
    जिसकी पूजा
    या नमाज़ सच्ची
    तो उसकी
    जिंदगी अच्छी ,
    जिसकी जिंदगी अच्छी
    उसकी म़ोत अच्छी
    जिसकी म़ोत अच्छी
    उसकी आखेरत अच्छी
    जिसकी आखेरत अच्छी
    उसकी जन्नत पक्की
    तो जनाब इसके लियें
    करो पूजा या नमाज़ सच्ची ।
    अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

    उत्तर देंहटाएं
  4. नंगे को सर्दियों में चाय की एक बूँद भी
    सर्दियों में गर्मी का एहसास दे रही है!

    उत्तर देंहटाएं
  5. प्यासी है आत्मा एक बूंद और डाल दो।

    उत्तर देंहटाएं
  6. मैंने अपना पुराना ब्लॉग खो दिया है..
    कृपया मेरे नए ब्लॉग को फोलो करें... मेरा नया बसेरा.......

    उत्तर देंहटाएं
  7. एक बूँद ज़िन्दगी.. अर्र.. चाय की!! :)

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत हंसाते हैं जी,, बधाई,,

    पर चाई हमे भी चहिये

    उत्तर देंहटाएं