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शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

खुशी के मारे…!

images (12)उस दिन खदेरन बाज़ार से घर लौट रहा था कि देखा हकलू दौड़ते हुए इधर से उधर भाग रहा है। फिर वह फ़ायर ब्रिगेड के दफ़्तर में घुस गया। खदेरन भी उसके पीछे वहां पहुंचा। देखता है कि सामने जो आदमी बैठा था उससे हकलू हांफते हुए बोल रहा था, “मेरी बीवी खो गई है।”

सामने बैठे सज्जन ने कहा, “यह पुलिस स्टेशन नहीं, फायर ब्रिगेड का ऑफिस है।”

हकलू चिल्लाते हुए बोला, “क्या करूं, क्या कहूं, कहां जाऊं, ख़ुशी के मारे कुछ सूझ ही नहीं रहा है!”

14 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे खुशी मिली इतनी की मन में ना समाये!!

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  2. आपको क्रिस्मस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  3. क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
    आशीषमय उजास से
    आलोकित हो जीवन की हर दिशा
    क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
    जीवन का हर पथ.

    आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

    सादर
    डोरोथी

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  4. हा..हा..हा..हा..हा
    बात तो ख़ुशी की ही है :)

    बढ़िया है
    आभार

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