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गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

कटहा कुत्ता

खदेरन एक दिन भोरे-भोर देखता है कि फाटक बाबू अपने लॉन में टहल रहे हैं और उनके साथ एकठो कुत्ता भी टहल रहा है। उसको बड़ा आश्चर्य हुआ। अपने घर के बरामदा से ही खदेरन अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए पूछा, “फाटक बाबू! कुत्ता खरीद लाए हैं का?”

फाटक बाबू बोले, “हां भाई खदेरन। का करें खंजन देवी पीछे पड़ गई थीं, कि कुक्कुर चाहिए … तो लाना पड़ा।”

खदेरन बोला, “बढिया किए। कब लाए?”

फाटक बाबू बोले, “रात में ही खरीद कर लाए हैं।”

खदेरन कुत्ता को कूं-कूं करते देखकर पूछा, “फाटक बाबू, आपका ई कुता काटता है..??”

फाटक बाबू बोले, “एक काम करो खदेरन, चले आओ हम भी यही देखना चाहते हैं……!”

10 टिप्‍पणियां:

  1. एक्सपेरिमेंट के लिए पड़ोसी काम नहीं आएँगे तो कौन आएगा! :)) बढ़िया है.

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  2. सही है..टेस्टिंग हो जायेगी.

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  3. हैलो!! हैलो!!! डॉग टेस्टिंग!!
    शांतता, टेस्टिंग चालु आहे!!

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