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सोमवार, 4 अप्रैल 2011

इस चित्र का शीर्षक क्या हो?

गिलहरी

मेरा शीर्षक है ::

सागर पर पुल बनबाया

लंका को फ़तह कराया

क्या था वह ठट्टा हस्सी

अब मुझको चखने दे लस्सी!!

12 टिप्‍पणियां:

  1. aadmi jaanbar ho raha

    jaanbar insaan ho raha hai

    yahi kalyug hai.....

    jai baba banaras.......

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  2. ध्यान से पीना ये लस्सी ही है ना ...

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  3. लस्सी तो अब हो चुकी है बस्सी (बासी)
    आपने मेरे ब्लॉग पर आ क्यूँ नहीं की हँस्सी.
    मन में आपके क्यूँ है रस्सा कस्सी
    आपके इंतजार में आँखे गयी धस्सी

    नवसंवत्सर पर हार्दिक शुभ कामनाएँ.

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  4. नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें !
    माँ दुर्गा आपकी सभी मंगल कामनाएं पूर्ण करें

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  5. गर्मी का मौसम आ गया है। लस्सी तो भाएगी ही ना।
    आप बहुत दिनों बाद नजर आई हैं???

    मेरा ब्लॉग भी देखें
    अब पढ़ें, महिलाओं ने पुरुषों के बारे में क्या कहा?

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