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शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011

जल्दी में

खदेरन जल्दी में था।

फुलमतिया जी के आदेश का पालन करते हुए, जल्दी से पनीर लाना था।

उसने ऑटो रिक्शा पकड़ा और उसे जल्द से जल्द पनीर की दूकान चलने को बोला।

दूकान के सामने ऑटो रोककर ऑटोवाला बोला, “सॉरी सर! जल्दबाज़ी में मीटर ऑन करना ही भूल गया।”

खदेरन ने अपनी जेबें टटोली और बोला, “कोई बात नहीं यार! मैं भी जल्दबाज़ी में पर्स लाना भूल गया। चल वापस जहां से आए थे। वहां चल कर तू मीटर ऑन कर लेना, मैं पैसे ले लूंगा।”

10 टिप्‍पणियां:

  1. तू मीटर ऑन कर लेना, मैं पैसे ले लूंगा।”
    बहुत बढ़िया मजेदार हा हा हा ....

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  2. खदेरन और ऑटो वाले की भूल में आप मेरे ब्लॉग को क्यूँ भूले बैठी है.
    जाईये अब नहीं बोलते आपसे.
    मन करे तो आइयेगा मेरे ब्लॉग पर,रामजन्म का बुलावा है.

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  3. बहुत मजेदार हा हा हा .............

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  4. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (23.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:-Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  6. पहली बार में टिप्पणी भूल गया था, फिर वापस आया हूँ टिप्पणी करने...सुन्दर!

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