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सोमवार, 23 मई 2011

एस.एम.एस.

717049-51896फुलमतिया जी जब पहलीबार मां बनीं थी तब का वाकया है। उस समय वो मैके में थीं। खदेरन अपने घर पर।

मैके से बेटे भगावन के साथ लौटते ही खदेरन की खैर-खबर ले रहीं थी। उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था। इस चीख-पुकार को सुनकर भागी-भागी खंजन देवी वहां पहुंच गईं। उन्होंने फुलमतिया जी से पूछा, “आप खदेरन पर इतना बिगड़ क्यों रहीं हैं?”

फुलमतिया जी ने गुस्से में कहा, “एक तो अपनी व्यस्तता का बहाना कर यह न मेरे मैके आया न ही अस्पताल गया और जब मैंने अस्पताल से एस.एम.एस. कर इसे बताया कि ‘तुम बाप बन गए हो’ तो इसने उस मैसेज को अपने सारे दोस्तों को फॉरवार्ड कर दिया!”

11 टिप्‍पणियां:

  1. हा..हा..हा.. आदत से मजबूर :-)

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  2. ये एस.एम.एस. जो न कराए।
    हा-हा-हा .....

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  3. कल्याणजी के लड़का पैदा हुआ तो अखबार में खबर छपी कि कल्याणजी-आनंदजी बाप बने!!

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