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शनिवार, 28 मई 2011

घूर रहा है!

खदेरन फुलमतिया जी मायके यानी अपनी ससुराल गया हुआ था।

भोजन करते वक़्त उसे एक विचित्र अनुभूति हुई। उसने अपने साले चटोरन से कहा, “यह तुम्हारा कुत्ता मुझे बहुत देर से घूर रहा है।”

चटोरन ने छूटते ही कहा, “जीजाजी आप जल्दी से खाना खा लीजिए, वो अपनी प्लेट पहचान गया है!”

13 टिप्‍पणियां:

  1. वाह क्या शानदार बेइज्जती है हा हा हा हा हा

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  2. बहुत खूब !पर इसे हास्य कहें या अवमानना मैं नहीं जानता .जीजा आखिर जीजा होता है .जोक भी जोक ही होता होगा .कूल बेटा !कूल !चिल इट आउट ,चिल आउट !

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