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रविवार, 29 मई 2011

परीक्षा की तैयारी

hin_bday_ca-2भगावन की परीक्षा सर पर आ गई थी।

खदेरन ने कहा, “आओ बेटा भगावन! मैं तुम्हारी परीक्षा की तैयारी में हेल्प कर देता हूं।”

भगावन ने जवाब दिया, “नहीं पापा, रहने दीजिए। मैं बिना आपकी हेल्प के ही फेल होना चाहता हूं।”

13 टिप्‍पणियां:

  1. सही बात है, यह महत्कर्म अकेले ही हो।

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  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (30-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. बहुत बढ़िया ... :)
    मेरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है : Blind Devotion

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  4. hasyatanak rachanaa.bahut khub.badhaai


    please visit my blog.

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  5. क्या! फुलटास छक्का मारा है, मजा आ गया।
    ==========================
    प्रवाहित रहे यह सतत भाव-धारा।
    जिसे आपने इंटरनेट पर उतारा॥
    ====================
    ’व्यंग्य’ उस पर्दे को हटाता है
    जिसके पीछे भ्रष्टाचार आराम फरमा रहा होता है।
    =====================
    सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

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