समर्थक

सोमवार, 8 नवंबर 2010

सौ चूहे खा कर

मास्टर जी ने कक्षा में बच्चों से एक वाक्य में खाली स्थानों को भरने के लिए कहा.

वाक्य था, "सौ चूहे खा कर बिल्ली .............. चली.

बटेसर सबसे पहले सबक पूरा करके पहुंचा. "सौ चूहे खा कर बिल्ली टेढ़ी-मेढ़ी चली.

मास्टरजी ने एक जोड़ का झापर जड़ते हुए पूछा, "बेवक़ूफ़.... ! यही है तुम्हारी पढाई. "सौ चूहे खा कर बिल्ली टेढ़ी-मेढ़ी चली....?"

बटेसर को भी गुस्सा आ गया. बोला, "मास्टर जी वो तो मैं ने आपकी इज्जत रख ली. वरना सौ चूहे खाने के बाद बिल्ली चलने के लायक भी रहेगी क्या.... ?"

22 टिप्‍पणियां:

  1. बटेसर ने सदियों से बंद ज्ञान-चक्षु खोल दिए हैं :))

    उत्तर देंहटाएं
  2. बटेसर एक दिन मंत्री बन कर दिखायेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बिलकुल सही बात कही.शाबाश बटेसर!.....:))

    उत्तर देंहटाएं
  4. सही है ... नहीं रहेगी .... हा हा हा ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. बटेसर का जवाब बिल्कुल सही था...10 में 10 देने लायक।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बिल्‍कुल सही जवाब ........;बहुत ही सुन्‍दर ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बटेसर को पढने की जरुरत क्या है ...
    ऐसे ही बड़ा होशियार है !

    उत्तर देंहटाएं
  8. बटेसर जरूर नेहरु खानदान का है ....

    उत्तर देंहटाएं
  9. बटेसर तो आइन्स्टीन निकला !!!!

    उत्तर देंहटाएं