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गुरुवार, 3 दिसंबर 2009

नोंक-झोंक-5

अगर पसंद आया तो ठहाका लगाइएगा।

श्रीमती जी के साथ श्रीमान जी की तनातनी तो होती ही रहती है। उस दिन भी चल रही थी। वे दोनों एक दूसरे पर छींटाकशी कर रहे थे।

श्रीमती जी ने गुस्से में आकर कहा, “आज तक तुमने अपनी ज़िन्दगी में किया ही क्या है।‘’

श्रीमान जी ने कहा, “मैंने अपना जीवन ख़ुद बनाया है।‘’

श्रीमती जी छूटते ही बोलीं, “लो, और मैं अब तक सारा दोष ईश्‍वर को ही दिए जा रही थी।“


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अगर पसंद आया तो ठहाके लगाइएगा
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