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शनिवार, 12 दिसंबर 2009

नोंक-झोंक-6

अगर पसंद आया तो दिल खोलकर ठहाका लगाइएगा।

बचत


श्रीमान श्रीमती से, “आज मैंने सीधे-सीधे 10 रुपये बचाए।”

श्रीमती उत्सुकता से, “वह कैसे?”

श्रीमान ने बतलाया, “आज मैं दफ़्तर जाते वक़्त बस के पीछे-पीछे दौड़कर गया था।”

श्रीमती नाराजगी से, “ऐसा ही था तो फिर टैक्सी के पीछे दौड़कर जाते। 100 रुपये की बचत होती।”

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अगर पसंद आया तो ठहाके लगाइएगा

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