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शुक्रवार, 3 सितंबर 2010

आज सिर्फ़ एक चित्र…

आज सिर्फ़ एक चित्र…


ये ई-मेल से प्राप्त हुआ। सोचा आपसे शेयर कर लूं।


बताइए इस चित्र का शीर्षक क्या हो? …. शीर्षक ऐसा हो जिससे हास्य का सृजन हो…

nudles
एक शीर्षक तो मैं ही दे रही हूं …

वाह! क्या नुडल्स है!!

19 टिप्‍पणियां:

  1. तुझे जीवन की डोर से बाँध लिया है ।

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  2. मैने तो बस हँस लिया..ज़्यादा कुछ बोलना मेरे बस की बात नही...बढ़िया पोस्ट..बधाई

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  3. मज़ेदार!
    हम तुम चोरी से
    बंधे एक डोरी से
    जैयो कहां ऐ हुज़ूर!

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  4. लँगर लेता मुह के अन्दर,
    फिर से आदम बनता बन्दर.

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  5. हम तुम चोरी से , बांधे इक डोरी से ...
    यही सबसे अच्छा शीर्षक लगा ..!

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  6. :):) ...बढ़िया है ...

    मनोज जी वाला ही बढ़िया लगा शीर्षक ..

    हम तुम चोरी से , बांधे इक डोरी से .

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  7. ha ha ... badiya taveer hai...
    noodals ka maza le rahe hai...

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  8. कोलगेट इस्तेमाल करोगे तो दात ऐसे ही मजबूत बनगे
    ......
    ( क्या चमत्कार के लिए हिन्दुस्तानी होना जरुरी है ? )
    http://oshotheone.blogspot.com

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  9. बुझावन और सुझावन: आओ अपने अपने हिस्से का समन्दर पी लें

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  10. शीर्षक वो जो...

    ३ सितम्बर २०१० ७:२० पूर्वाह्न..
    पर छापा हुआ है.....



    नाईस...

    :)

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