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शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

आज सिर्फ़ एक चित्र…

आज सिर्फ़ एक चित्र…


ये ई-मेल से प्राप्त हुआ। सोचा आपसे शेयर कर लूं।


बताइए इस चित्र का शीर्षक क्या हो? …. शीर्षक ऐसा हो जिससे हास्य का सृजन हो…

image001 (1)
एक शीर्षक तो मैं ही दे रही हूं …

ये … लो … तंदूरी चिकन…!!

25 टिप्‍पणियां:

  1. हँसूं, न हँसूं या खा लूँ.

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  2. अपने देश के नेतावों को संसद में भेजने से पहले भी यही प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए !

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  3. बहुत मज़ेदार लगा! तंदूरी चिकन ही सही रहेगा!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  4. माफ करें, पर मुझे इसमें कुछ भी हास्य जैसा नहीं लग रहा।

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  5. हा हा हा हा हा हा हा

    शाकाहार बने

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  6. मनोरंजक... वो कहते हैं न " एक आग का दरिया है और तैर के जाना है" इस लिये इस चित्र का शीर्षक होना चाहिये " प्रेम की छलांग - पहले और बाद में"

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  7. वाह क्या चित्र है बहुत खूब

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  8. आग से गुज़रेंगे, तीरो-कमाँ से गुज़रेंगे |
    हम तेरे वास्ते हर इम्तहाँ से गुज़रेंगे ||

    कुँवर कुसुमेश
    मोबा:09415518546
    visit : kunwarkusumesh.blogspot.com

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  9. इसलिए बड़ो ने कहा है की ज्यादा जलना भुनना अच्छी बात नहीं है ...

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  10. आपने एक भयंकर भूल की है जिसकी तरफ ध्यानाकर्षित करना एक ज़िम्मेवार शहरी के नाते मेरा दायित्व है..(घबराइए मत, यह मज़ाक है) आपको नीचे एक चेतावनी लगानी चाहिए थीः
    यह स्टण्ट पेशेवर इंस्ट्रक्टर की निगरानी में किए गए हैं. कृपया इसे अपने घर पर न करें!
    मजा आ गया!!

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  11. अंडा क्या जाने आगे मुर्गे का क्या होगा...

    (बतर्ज 3इडियटस)

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  12. वीर तुम बढे चलो..........धीर तुम बढे चलो

    या फिर

    तू ना रुकेगी कभी ,तू ना झुकेगी कभी ,
    कर शपथ ,कर शपथ ,कर शपथ
    अग्निपथ ,अग्निपथ,अग्निपथ

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