समर्थक

शनिवार, 25 सितंबर 2010

डेट का पता

डेट का पता

भगावन को उसके दोस्‍त जियावन ने बताया, “मेरे अंकल को उनके मरने से पहले मरने की डेट पता था।”

भगावन को आश्‍चर्य हुआ! पूछा, “कैसे?”

 

जियावन ने बताया, “उन्‍हें यह डेट जज ने बताई थी।”

19 टिप्‍पणियां:

  1. अरे वाह!!आपने तो भोर सुहावनी कर दी!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
    साहित्यकार-बाबा नागार्जुन, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  3. वैसे तो जज डेट नहीं बताते, बस सजा ही सुनते है ... पर हसीं निकलती हो तो logic भाड़ में ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत अच्छा .......मजेदार भी.........

    उत्तर देंहटाएं
  5. haha...
    bahut khub..
    मेरे ब्लॉग पर इस बार धर्मवीर भारती की एक रचना...
    जरूर आएँ.....

    उत्तर देंहटाएं
  6. हाहाहाहाहा....ये जज साहब अफजल गुरु के समय क्या रिटायर हो गए थे..

    उत्तर देंहटाएं