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मंगलवार, 14 सितंबर 2010

क्‍या भरूँ?

क्‍या भरूँ?

भगावन एक आवेदन फार्म भर रहा था। कई सारे कॉलम थे। एक कॉलम में क्या भरना है जब उसकी समझ में नहीं आया तो उसने अपने पापा खदेरन से पूछा, “पापा! मदर टंग वाले कॉलम में क्‍या भरूँ?”

खदेरन फुलमतिया - Copy खदेरन ने समझाया, “बेटे! वहां लिख दे, बहुत लंबी एवं बेक़ाबू!”

19 टिप्‍पणियां:

  1. हा हा !! बहुत खूब. ये एकदम जबरदस्त बात कही खदेरन ने.

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  2. .
    .
    .
    हा हा हा हा,
    हो हो हो हो...

    अब अगर आप भी ऐसा कहेंगी, तो कैसे चलेगा ?

    ..... ;))


    ...

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  3. हा... हा... हा... हा......
    हंसी भी बेकाबू हो गयी है....

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  4. हाय राम !....इत्ता सच भी अच्छा नहीं :]

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  5. लंबी एवं बेक़ाबू!”
    na ho to tum dono sudhare kaise rahoge

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  6. गनिमत है उस समय वह वहां हाजिर नहीं थी :-)

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  7. गनिमत है उस समय वह वहां हाजिर नहीं थी :-)

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  8. हा हा! हद से ज्यादा हँसे..मैं भी बेटे को यही कहूँगा..अब से...:)


    हिन्दी के प्रचार, प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है. हिन्दी दिवस पर आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं साधुवाद!!

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