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शुक्रवार, 9 जुलाई 2010

दिमाग का इस्तेमाल!

हंसने से कोशिकाओं और शरीर के विभिन्न अंगों को काफ़ी ऑक्सीजन मिलती है। इससे मस्तिष्क के दोनों भागों की सक्रियता, निर्णय लेने की क्षमता और स्मरणशक्ति भी बढती है।

दिमाग का इस्तेमाल!

खदेरन के सिर से बहते ख़ून को देख कर फाटक बाबू ने पूछा, “ये कैसे हुआ?”

                           

खदेरन ने बताया, “मैं हाथों से ईंट तोड़ रहा था, तो फुलमतिया जी ने कहा अजी कभी तो दिमाग का भी इस्तेमाल कर लिया करो ….!”

12 टिप्‍पणियां:

  1. खूब दिमाग का इस्तेमाल किया
    मजेदार

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  2. कभी कभी हम भी कर लेते हैं दिमाग का इस्तेमाल ....हा हा हा !!

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  3. हा हा! खदेरन का भगवान भला करे.

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  4. हा हा हा हा!अरे अरे……खदेरन जी अब मालूम पड़ा दिमाग कहां होता है। हम तो अभी भी दिमाग (घुटने) के दर्द से परेशान रहते हैं।

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  5. ch.... na vishwaset naareenaam !

    ha... ha... ha.... ha... !!! waise jo cheej ho hee nahee uska istemaal kaise kar sakte hain !!!!

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  6. बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

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