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मंगलवार, 5 अक्तूबर 2010

टूटे दांत

टूटे दांत

डॉ. उठावन सिंह : आपके दो दांत कैसे टूट गए?
खदेरन : क्यूंकि फुलमतियाजी, मेरी पत्नी, ने बनाई थी सुखाड़ी!

खदेरन फुलमतिया - Copy - Copy डॉ. उठावन सिंह : तो खाने से मना कर देना था ना!
खदेरन : फिर तो बत्तीस के बत्तीस टूट गए होते!

6 टिप्‍पणियां:

  1. खुशी हुई काफी दाँत बच गए :))

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  2. बहुत खूब. हा हा !! खदेरन को निर्णय लेना था कि दो दांत शहीद करे या बत्तीस दांत. ये तो एक तरफ खाई और दूसरी तरफ कुए वाली बात हो गई.

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