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गुरुवार, 28 अक्तूबर 2010

बहुत गर्मी

भगावन और रिझावन एक दिन स्कूल से छुट्टी के बाद घर वापस आ रहे थे। तो गर्मी पर चर्चा चल पड़ी।

भगावन ने रिझावन से पूछा, “यार जब तुझे ज़्यादा गर्मी लगती है तो उस समय तू क्या करता है?”

रिझावन, “यार, ए.सी. के पास बैठ जाता हूं।”

भगावन, “गर्मी फिर भी लगे तो…..?”

रिझावन, “… तो मैं ए.सी. ऑन कर लेता हूं।”

25 टिप्‍पणियां:

  1. इसे कहते है ' ए सी ' की ' ते सी '

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  2. वाह ये आईडिया मुझे क्यूँ नहीं आया...आज से ही पंखे के सामने बैठना शुरू करता हूँ....

    मेरे ब्लॉग पर इस बार

    उदास हैं हम ....

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  3. ऊर्जा की बचत का नायाब तरीका :))

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  4. .
    .
    .
    हा हा हा हा,

    हमें तो जब गर्मी लगती है तो रिझावन को याद कर लेते हैं... :)

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  5. मजा आ गया. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  6. wow.. kya baat hai... rijhawan ji ki dimaag ki batti tubelight kee tarah der se chamakti hai...

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