समर्थक

बुधवार, 6 अक्तूबर 2010

संपत्ति और बैंक बैलेंस

संपत्ति और बैंक बैलेंस

शादी ठीक होने के बाद की बात है।

फुलमतिया जी से उसके पिता दहारन सिंह ने कहा, “बेटी, मुझे यह तो मालूम होना चाहिए कि जिससे तूने शादी करने का फ़ैसला लिया है, क्या कहा था, खदेरन, हां खदेरन, उसकी संपत्ति कितनी है, क्या व्यवसाय है और कितना बैंक बैलेंस है?”

फुलमतिया जी बोलीं, “पापा! आपके और खदेरन के विचार कितने मिलते-जुलते हैं। वे भी पूछ रहे थे कि अंदाजन तुम्हारे पिता की कितनी संपत्ति और बैंक बैलेंस हो सकता है।”

22 टिप्‍पणियां:

  1. हा हा!! पिता जी का मालूम चल जाये तो काम बने... :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. हा हा !! लगता है अब शेर को सवा शेर मिल गया

    उत्तर देंहटाएं
  3. ई त ओही बात हो गया कि दूनो तरफ है आग बराबर लगी हुई!!हा हा ह!!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. तेरी गठरी में लागा चोर ...मुसाफिर जाग जरा ..:):)

    उत्तर देंहटाएं
  5. ये हुई ना ससुर दामाद की जोड़ी ha ha ha

    उत्तर देंहटाएं
  6. wah..pitajee ko apne jaisa he damad milne ja raha hai .....heheheheh

    उत्तर देंहटाएं